दिमागी नक्सल

दिमागी नक्सल

.........मोदीजी ने लाल किले से कहा कि....देश को बड़ा खतरा "दिमागी नक्सल" से है....उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया....लेकिन....उसके बाद से जितनी छटपटाहट और जितनी बिलबिलाहट विरोधियों मे दिख रही है....वो बता रहा है कि मोदीजी का तीर बिल्कुल सटीक निशाने पर जाके लगा है.........

.......क्या मतलब होता है दिमागी नक्सल का.....!!....जो लोग नक्सल वाद का वैचारिक समर्थन करते हैं....हथियार वालों को कवर फायर देते हैं.....देश मे अराजकता का बीज बोते हैं.....वो दिमागी नक्सल हैं......ये नेता हैं....अभिनेता हैं....कलाकार हैं.....प्रोफेसर हैं....लेखक हैं....बुद्धिजीवी हैं.....मीडिया मे हैं.....NGO वाले हैं.........एक शब्द मे कहें.....तो वामपंथी हैं.......ये दिमागी नक्सल हैं......आप इन्हें हथियार वालों का बड़ा भाई कह सकते हैं.........ये उमर खालिद का सपोर्ट करते हैं....बुरहान बानी को भटका हुआ बताते हैं.....अफजल गुरु के लिए आधी रात को कोर्ट खुलवा लेते हैं.....

......ये दुनिया के मंचों पर जा जा के...हथियार वालों का समर्थन करते हैं....उन्हें पीड़ित बताते हैं....उन्हें प्रोत्साहित करते हैं............इसके पीछे इनका मकसद होता है भारत की तरक्की को रोकना....भारत के एक बड़े हिस्से को अराजकता की आग मे झोंके रखना ताकि वो हिस्सा विकास से दूर रहे और भारत के पैरों मे बेड़ियाँ डली रहें.......इसके लिए इन्हें विदेशों से.....भारत विरोधी ताकतों से....जो भारत को आगे बढ़ता नहीं देखना चाहते....उनसे फंड मिलता है....

.....अब विरोधियों मे दिमागी नक्सल बनने की होड़ सी मच गई है.......देश के पूर्व गृहमंत्री चिदंबरम सबसे पहले बिल से निकल के आए....और सीना ठोकने लगे कि...मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है......क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि.....भारत का पूर्व गृहमंत्री खुद को नक्सल कह रहा है......तो अंदाजा लगाईए की इन्होंने गृहमंत्री रहते नक्स लियो को कितना कवर फायर दिया होगा.....और इनका नाम तो जाली नोटों मे भी आया है.....

.......इसके बाद तो लाइन सी लग गई....महबूबा मुफ्ती से ले के केजरीवाल तक सब खुद को दिमागी नक्सल बता रहे हैं....खैर...ये तो हैं भी.............

......मैं तो कहता हूं कि "मैं भी चौकीदार" की तरह "मैं भी दिमागी नक्सल" वाला कैम्पेन ही चला दो......हमे भी पहचानने मे आसानी हो जाएगी.....की ये जहरीले सांप कौन कौन हैं.....

......मोदीजी ने इनकी पुंछ पर पैर रख दिया है....अब ये खुद बिलबिला बिलबिला के बिल से बाहर निकलेंगे.....और खुद चीख चीख के बताएंगे की......मैं हूँ दिमागी नक्सल......मोदीजी ने अपना काम कर दिया...अब देश को बस इन्हें पहचानने की जरूरत है....

जयहिंद????????????

जयश्रीराम????????.